छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम रायपुर

पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम प्रकोष्ठ की सफलता

सपनो को मिली दिशा

श्री लखन लाल देवांगन आ. श्री दुकलहाराम देवांगन उम्र 26 वर्ष बीटीआई रोड महासमुन्द का निवासी है। श्री लखन लाल दसवीं की पढ़ाई के बाद बीटीआई रोड स्थित एक इलेक्ट्रीक दुकान में लगातार दो साल काम कर रहे थे, किन्तु उनके मन में खुद का व्यवसाय स्थापित करने की इच्छा थी। इसी बीच उन्हें जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति महासमुन्द द्वारा संचालित अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राही हेतुु मध्यमऋण योजना की जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने जिला समिति में आवेदन कर अपने सपने को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

श्री लखन लाल को जिला समिति से रूपये 50,000/- का ऋण राशि पिछड़ा वर्ग टर्म लोन योजना से प्राप्त हुआ। इन पैसों से उन्हांेने स्वयं का इलेक्ट्रानिक्स दुकान स्थापित किया। उनकी मेहनत एवं लगन ने उनकी आमदनी बढ़कर आज प्रतिमाह रूपये 7000/- हो गयी है एवं प्रतिमाह नियमित किश्त भी जमा कर रहे है।


सशक्त महिला -सफल महिला

जिला अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित पिछड़ा वर्ग न्यू स्वर्णिमा योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसी ही एक कहानी कु. अंजली साहू पिता श्री सुखनंदन साहू, राजीव नगर, सांस्कृतिक भवन के पास, दुर्ग की है।

जिन्होंने अपने दृढ़ इच्छा शक्ति से अपने परिवार की आय को बढ़ाने के लिए प्रयास किया। उनके द्वारा जिला समिति दुर्ग से योजनान्तर्गत राशि रू. 1.00 लाख का ऋण साड़ी सेंटर खोलने के लिए वर्ष 2014 में लिया। उसके बाद उनके द्वारा जिला समिति को नियमित किश्त भुगतान करने के बाद लगभग राशि रू. 5000/- की मासिक आमदनी होने लगी। धीरे-धीरे अपने व्यवसायिक कौशल पर विश्वास हुआ और आज उनका व्यापार केवल साड़ी सेंटर तक सीमित ना होकर श्रृंगार सामग्री एवं आईसक्रीम पार्लर तक बढ गया। इस प्रकार न्यू स्वर्णिमा योजना ने कु. अंजली को एक स्वर्णिम राह प्रदान की।


सक्षम है हम

छत्तीसगढ़ राज्य का सीमांत जिला सूरजपुर भी अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं में लोगों को सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में श्री माखन लाल यादव पिता श्री काशीनाथ यादव ग्राम सतपता को पिछड़ा वर्ग योजनान्तर्गत संचालित टर्म लोन योजना से वर्ष 2011-12 में राशि रू. 1.00 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया। तब यह नहीं सोचा गया था कि यह टर्म लोन श्री माखन लाल को स्वरोजगार की एक आशा के रूप में मिलेगा। उनके द्वारा ऋण प्राप्त कर अपने गांव में ही एक छोटा सा किराना दुकान खोला गया, जिसमें उन्होंने आलू के थोक व्यापार को परिश्रम से संचालित किया। जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई साथ ही उनका व्यापार न केवल गांव तक बल्कि आसपास के क्षेत्र में भी फैल गया। इस प्रकार पिछड़ा वर्ग टर्म लोन योजना ने श्री माखन लाल के स्वरोजगार की दिशा बदलकर सफलता की ओर अग्रेषित किया।


स्वांबलंबी होना है परिचय

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से संचालित पिछडा वर्ग न्यू स्वर्णिमा योजनांतर्गत श्री मंजूषा यादव ग्राम भूमियापारा निवासी को किराना दुकान व्यवसाय हेतु 1.00 लाख रू. ऋण राशि वर्ष 2016-17 दिया गया। मंजूषा यादव के द्वारा ठेले में व्यवसाय कर जीविकापार्जन कर रही थी।

जिला अंत्यावसायी विभाग की यह योजना उनके परिवार के लिए वरदान की तरह साबित हुआ जिससे उनकी आर्थिक समस्या सुलझने के साथ-साथ सामाजिक जीवन शैली बदलाव/सुधार आया है। अब व्यवसाय बड़ा कर ग्राम में ही संचालित कर रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है, साथ ही नियमित रूप से किस्तो को जमा भी कर रही है। विभागीय अधिकारी/कर्मचारी का मार्गदर्शन भी समय≤ पर मिलता रहता है। जिससे काम की तलाश में भटकना नही पड़ता और छोटी-मोटी जरूरतों के लिए सेठ-साहूकारो से कर्ज भी लेना नही पड़ता। योजना ने उन्हे आत्मनिर्भरता की राह दिखाई।


सफल राहें

श्री नीरज शिवहरे महलपारा बैकुण्ठपुर जिला कोरिया छ.ग. के निवासी है। इनको समाचार पत्रों के माध्यम से जिला अंत्यावसायी द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई जिसमें इन्होंने अपने ज्ञान को स्वरोजगार का रूप देने का निश्चय किया और पिछड़ा वर्ग व्यक्तिमूलक योजनान्तर्गत ऋण प्राप्त कर अपना इलेक्ट्रानिक तौल मशीन का व्यवसाय प्रारंभ किया जिसमें उन्होने डीस्पोजल सामग्री भी रखी।

पिछडा वर्ग व्यक्तिमूलक योजना में इकाई लागत 1.00 लाख रू. स्वीकृत हुआ। उन्होंने किराये के भू-खण्ड में दुकान चलाकर वर्तमान में दुकान से प्रतिमाह लगभग 10,000/- रू. प्राप्त की जिससे वह अपने परिवार का पालन-पोषण, कर रहे है। आज वह खुद आत्म निर्भर बन कर व्यवसाय कर रहे है तथा नियमित किश्त भी उनके द्वारा कार्यालय में जमा किया जा रहा है। निगम की योजना से प्राप्त राशि के लिए वह विभाग को धन्यवाद देते है।


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छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम मर्या. रायपुर का गठन मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी (पुनर्गठन और निर्माण) अध्यादेश क्रमांक- 04 सन् 2000 के अंतर्गत दिनांक 30.10.2000 को किया गया है।

वर्तमान निगम मुख्यालय

छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम

द्वितीय एवं चतुर्थ तल, व्यवसायिक परिसर, हाउसिंग बोर्ड भवन,
सेक्टर 27, नवा रायपुर, छत्तीसगढ़

0771 - 4248601- 615

0771-4248617